दिल्ली के व्यापारी चाहे, प्रमुख बाजारों के मेट्रो स्टेशन के खोले जाएं सभी गेट

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दिल्ली के व्यापारी चाहे, प्रमुख बाजारों के मेट्रो स्टेशन के खोले जाएं सभी गेट


हाइलाइट्स:

  • कोरोना की वजह से दिल्ली मेट्रो अपने स्टेशनों के सभी गेट नहीं खोलते
  • इसी वजह से दिल्ली में कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बाहर सुबह और शाम में यात्रियों की लंबी लाइन लग रही है
  • कई स्टेशन्स पर काम नहीं कर रही सैनेटाइजेशन मशीन
  • अभी टोकन से यात्रा करने की अनुमति नहीं

सूरज सिंह, नई दिल्ली
कोरोना की वजह से दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro Rail Corporation) अपने स्टेशनों के सभी गेट नहीं खोलते। इसी वजह से दिल्ली में कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बाहर सुबह और शाम में यात्रियों की लंबी लाइन लग रही है। इस कारण सोशल डिस्टेंस (Problem in Social distancing) रखने में दिक्कत हो रही है। इससे निजात पाने के लिए चेंबर ऑफ ट्रेड इंड इंडस्ट्री (CTI) के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगू सिंह से मुलाकात की है।

प्रवेश और निकास के अलग गेट हों
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि उन्होंने मेट्रो के एमडी को एक मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि मेट्रो स्टेशन्स पर प्रवेश और निकास के अलग गेट हों। बड़े स्टेशन जैसे चांदनी चौक, लालकिला, राजीव चौक पर कई प्रवेश द्वार खुलें। इसके अलावा बड़े बाजारों के मेट्रो स्टेशन जैसे कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, सरोजिनी नगर, लाजपत नगर, राजौरी गार्डन, करोल बाग और नेहरू प्लेस के सारे गेट खोले जाएं। कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर 1 बंद है, जो कि मोरी गेट और तीस हजारी जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख है। अब यहां से निकलने वाले यात्री गेट नंबर 4 का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि लंबा पड़ता है। गेट नंबर 2 पर भी काफी भीड़ होती है। कई स्टेशनों पर सैनेटाइजेशन मशीन काम नहीं कर रही हैं। मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए, ताकि स्टेशनों ज्यादा भीड़ नहीं लगे और कम समय में ही मेट्रो आ जाए।

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कराएंगे रिव्यू
डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह ने कहा है कि वे मेट्रो गेट्स की स्थिति का रिव्यू कराएंगे। मेट्रो अपनी पूरी क्षमता से चल रही है। अब सोशल डिस्टेंस के लिए एक सीट छोड़कर यात्री बैठ रहे हैं, इसलिए थोड़ी दिक्कत जरूर होती है। बृजेश ने कहा कि अभी टोकन सिस्टम नहीं होने से बहुत से यात्रियों को दिक्कत होती है, वे स्मार्ट कार्ड को पेमेंट ऐप से रिचार्ज करना भी नहीं जानते। इस पर डीएमआरसी प्रमुख ने कहा कि आम तौर पर मेट्रो में रोजाना 60 लाख यात्री सफर करते है, लेकिन अभी रोजाना 15 लाख यात्रियों को ही यात्रा कराने का टारगेट है। यह आराम से पूरा हो रहा है। ऐसे में अभी टोकन सिस्टम शुरू नहीं होगा। इससे भीड़ बढ़ेगी और टोकन के आदान-प्रदान से भी संक्रमण फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।



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