बाइडेन का भारत से है पुराना संबंध, हमारे देश की खातिर अपने प्रशासन से की थी ये अपील

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बाइडेन का भारत से है पुराना संबंध, हमारे देश की खातिर अपने प्रशासन से की थी ये अपील


नई दिल्‍ली: राजनीति में 40 साल के लंबे करियर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडेन (Joe Biden) ने एक बार फिर भारत के प्रति अपना समर्थन दिखाया है. बतौर उप-राष्ट्रपति अपने कार्यकाल के दौरान और उससे पहले भी उन्होंने भारत-अमेरिका की साझेदारी (India-US Partnership) का समर्थन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.

मोदी के लिए की थी लंच की मेजबानी 
2014 में अपनी जीत के बाद जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अमेरिका का दौरा किया था, तो राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ उनकी बैठक पर पूरी दुनिया की निगाहें थीं. उस समय बाइडेन ने प्रधानमंत्री के लिए लंच की मेजबानी की थी. वहां स्‍टेट सेक्रेटरी जॉन केरी भी मौजूद थे. लंच से पहले उन्‍होंने एक-दूसरे के साथ समय बिताया और भारत-अमेरिका के मजबूत पार्टनर बनने की संभावना के प्रति आश्वस्ति जताई थी. जाहिर है, जनवरी में जो बाइडेन के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के बाद वे पीएम मोदी के लिए वाशिंगटन में एक परिचित चेहरा होंगे.

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परमाणु परीक्षण के वक्‍त भी दिया था समर्थन 
बाइडेन द्वारा भारत को समर्थन देने के पहलू पर और पीछे जाएं तो पाएंगे कि 1998 में भी भारत द्वारा परमाणु परीक्षण (nuclear test) करने पर उन्‍होंने अपना समर्थन दिया था. सीनेट फॉरेन रिलेशन कमेटी के एक रैंकिंग सदस्य के तौर पर बाइडेन ने भारत का समर्थन करते हुए का एक बयान जारी किया था. 

इसमें बाइडेन ने कहा था कि भारत जितने आकार, महत्व और कद के देश को हमेशा के लिए अलग नहीं किया जा सकता है. संयुक्त राज्य अमेरिका को भारत के साथ जुड़ना ही होगा. यह उस समय की बात है जब अमेरिका भारत की परमाणु आकांक्षाओं का विरोध कर रहा था.

इसके 3 साल बाद सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को पत्र लिखा और भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के लिए अपने प्रशासन से आग्रह किया था.

भारत के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध कलंक जैसे 
बाइडेन ने इस पत्र में लिखा था, ‘भारत के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाना स्थिरता लाने की बजाय कलंकित करने वाले हैं, यदि इन प्रतिबंधों को हटा दिया जाता है तो भारत सद्भावना के साथ जवाब देगा.’ 

ओबामा ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद जब बाइडेन उप-राष्ट्रपति बने और पाकिस्तान दौरे पर गए तो वहां उन्‍होंने मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद दोषियों को सजा दिलाने में भारत की मदद करने के लिए पाकिस्तान से बात की थी. 

इतना ही नहीं ओबामा-बाइडेन प्रशासन ने 2016 में भारत को अपना एक प्रमुख रक्षा भागीदार (major defence partner) भी घोषित किया था. यह एक अनूठी बात है क्‍योंकि इस शब्‍दावली का उपयोग अमेरिका ने अपने किसी अन्य सहयोगी के लिए कभी नहीं किया. ऐसे में दोनों देशों के प्रमुखों के रूप में पीएम मोदी और बाइडेन के पास दोनों देशों के बीच के इस संबंध को और आगे ले जाने का मौका होगा.

 





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