बिहार में कांग्रेस की हार पर गुलाम नबी आजाद ने तोड़ी चुप्पी, कहा- पार्टी नेतृत्व को दोष नहीं, हमने जमीनी स्तर पर खो दिया संपर्क

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बिहार में कांग्रेस की हार पर गुलाम नबी आजाद ने तोड़ी चुप्पी, कहा- पार्टी नेतृत्व को दोष नहीं, हमने जमीनी स्तर पर खो दिया संपर्क


हाइलाइट्स:

  • कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद बोले- पार्टी के बड़े नेताओं का जमीनी स्तर पर संपर्क टूट गया है।
  • जब तक हम फाइल स्टार होटल का कल्चर नहीं बदलेंगे, हम चुनाव नहीं जीत सकते: आजाद।
  • चाटुकारिता की संस्कृति पार्टी के साथ-साथ नेताओं के पतन का मुख्य कारण बन गई: गुलाम नबी आजाद।

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) में हार के बाद कांग्रेस (Congress) में चल रही कलह पर पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने बड़ा बयान दिया है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम सभी नुकसान के बारे में चिंतित हैं, खासकर बिहार और उपचुनाव परिणामों के बारे में। मैं नुकसान के लिए नेतृत्व को दोष नहीं देता हूं। क्योंकि पार्टी के बड़े नेताओं का जमीनी स्तर पर संपर्क टूट गया है। ब्लॉग लेवल पर, जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं का संबंध लोगों से टूट गया है। आदमी को पार्टी से इश्क होना चाहिए। गुलाम नबी आजाद ने शेर सुनाते हुए कहा कि ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजिए, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि चुनाव 5-सितारा होटल में बैठकर नहीं जीते जाते। आज नेताओं के साथ समस्या यह है कि अगर उन्हें पार्टी का टिकट मिलता है, तो वे पहले 5-सितारा होटल बुक करते हैं। अगर कहीं कोई उबड़-खाबड़ सड़क है तो वे वहां नहीं जाएंगे। जब तक ये कल्चर हम नहीं बदलेंगे, हम चुनाव नहीं जीत सकते।

पहले ढांचा खड़ा करना होगा, फिर कोई भी नेता हो चलेगा: आजाद
आजाद ने कहा, “हमारा ढांचा कमजोर है, हमें ढांचा पहले खड़ा करना पड़ेगा। फिर उसमें कोई भी नेता हो चलेगा। सिर्फ नेता बदलने से आप कहेंगे कि पार्टी बदल जाएगी, बिहार आएगा, मध्य प्रदेश आएगा, उत्तर प्रदेश आएगा, नहीं वो सिस्टम से बदलेगा।” आजाद ने कहा कि हमारे लोगों का ब्लॉक स्तर पर, जिला स्तर पर लोगों के साथ कनेक्शन टूट गया है। जब कोई पदाधिकारी हमारी पार्टी में बनता है तो वो लेटर पैड छाप देता है, विजिटिंग कार्ड बना देता है, वो समझता है बस मेरा काम ख़त्म हो गया, काम तो उस समय से शुरू होना चाहिए।

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‘चाटुकारिता की संस्कृति पार्टी के साथ-साथ नेताओं के पतन का मुख्य कारण’
पार्टी के पतन को लेकर पूछे गए सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारी पार्टी हो या कोई अन्य, चाटुकारिता की संस्कृति पार्टी के साथ-साथ नेताओं के पतन का मुख्य कारण बन गई है। हमें हर स्तर पर इस संस्कृति से दूर रहना चाहिए। राजनीति एक तपस्या है। उन लोगों को शर्म आनी चाहिए, जो आनंद और धन के लिए राजनीति में शामिल होते हैं। आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई विद्रोह नहीं है। विद्रोह का अर्थ है किसी को प्रतिस्थापित करना। पार्टी अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार नहीं है। यह कोई विद्रोह नहीं है। यह सुधारों के लिए है।

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