Covid-19: कोरोना मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ स्वाद और गंध का जाना, बच गई हजारों की जान

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Covid-19: कोरोना मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ स्वाद और गंध का जाना, बच गई हजारों की जान


नई दिल्ली
कोरोना वायरस एक बार फिर से पैर पसारने लगा है। कई प्रदेशों की सरकारों ने तो नाइट कर्फ्यू तक लगा दिया है। राजधानी दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहें हैं। कोरोना वायरस ने कई बार अपने रूपों को बदला। कई बार कोरोना के लक्षण में भी बदलाव देखने को मिला। कोरोना के लक्षणों में बहुत बाद में ये भी पता चला कि इससे स्वाद और गंध भी चली जाती है। इसके साथ ही गैस्ट्रिक परेशानी और सीने में दर्द तक हो जाता है। ये सभी लक्षण आमतौर पर कोरोना होने के दूसरे सप्ताह तक शुरू हो जाते हैं।

कोरोना संक्रमितों के लिए वरदान
नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में चेस्ट के चिकित्सक इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ अरुण लखनपाल के अनुसार अगर कोविड रोग को शुरुआत में ही गंध और स्वाद का सही पता नहीं चलता है तो ये एक अच्छा रोग संकेत है। इससे तुरंत पता चल जाता है कि इस शख्स को कोरोना वायरस होने के चांस ज्यादा हैं।

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हजारों लोगों की बची जान
डॉ लखनपाल ने कहा कि यह तेजी से देखा जा रहा है कि लगभग 40 फीसदी लोगों को गंध और स्वाद में समस्ता आ रही थी। आम तौर पर एक अच्छा रोग का संकेत है। इसके कारण कई रोगियों को समय रहते इलाज मिला और वो स्वस्थ्य होकर घर भी लौट गए। जबकि ज्यादातर मामलों में तो कोविड मरीजों को कोई लक्षण भी नहीं दिखते थे। ऐसे रोगी कोरोना से तो जीत जाते हैं मगर डर ये रहता है कि वो कई और लोगों को संक्रमित कर देगा।

ऐसे मामले जल्दी ठीक होते हैं
डॉ सुशीला कटारिया सीनियर डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन विभाग गुड़गांव मेदांता मुख्यालय वाले अस्पताल में कोविड टीम का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे अवलोकन में गंध और स्वाद के नुकसान वाले अधिकांश रोगियों को गंभीर बीमारी नहीं होती है। कटारिया ने बताया कि उन्हें ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता नहीं है और उनमें से अधिकांश को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है।

गंध और स्वाद अच्छा संकेत नहीं
डॉक्टर ने कहा कि अगर स्वाद में कमी महसूस होती है और आपको गंध नहीं आती तो ये एक अच्छा संकेत है। यह एक प्रकार का ऐसा लक्षण है जिससे आपको पता चल जाता है कि आप कोरोना से पीड़ित हैं। इससे भी अच्छी बात ये है कि जिन रोगियों में गंध और स्वाद की समस्या होती है उनमें सांस की समस्या नहीं देखी गई। जिससे रोगी की हालत आगे नहीं बिगड़ती। फिलहाल अभी तक इस बात की कोई सटीक जानकारी नहीं है कि कोरोना रोगियों को गंध , स्वाद और दस्त होने का वास्तविक कारण क्या है। डॉ लखनपाल ने समझाया कि कभी-कभी स्वाद जा सकता है क्योंकि गंध की हानि होती है क्योंकि दो इंद्रियां जुड़ी हुई हैं।



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