GDP ग्रोथ: SBI ने दूसरी तिमाही के लिए बदला GDP अनुमान, आर्थिक सुधार से मिल सकती है ग्रोथ को सपोर्ट

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GDP ग्रोथ: SBI ने दूसरी तिमाही के लिए बदला GDP अनुमान, आर्थिक सुधार से मिल सकती है ग्रोथ को सपोर्ट


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नई दिल्ली17 घंटे पहले

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SBI ने एक इको-रैप रिपोर्ट जारी किया, जिसके लेखक बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांती दास हैं। इसमें कहा गया है कि Q2 में GDP ग्रोथ (-)10.7% कर रह सकती है।

  • SBI ने पहले कहा था कि दूसरी तिमाही में GDP 12.5% तक नीचे गिर सकती है
  • मॉर्गन स्टैनली वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में GDP 6% नीचे फिसल सकती है

चालू वित्त वर्ष (2020-21) की दूसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) गिरावट के आंकड़ों में स्टेट बैंक ने बदलाव किया। शुक्रवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इकोनॉमी पर इको-रैप (Ecowrap) रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि इसमें 10.7% तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा फिच रेटिंग्स और मॉर्गन स्टैनली ने भी इकोनॉमी में सुधार की बात कही है।

SBI ने बदला GDP अनुमान

दूसरी तिमाही में सुधार का अनुमान तेज रिकवरी को दर्शाता है। शुक्रवार को SBI ने एक इको-रैप रिपोर्ट जारी किया, जिसके लेखक बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांती दास हैं। इसमें कहा गया है कि Q2 में GDP ग्रोथ (-)10.7% तक रह सकती है। पहले इसमें (-)12.5% की गिरावट का अनुमान था।

रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर माह में GST कलेक्शन में शानदार बढ़त देखने को मिली, जो पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है। इससे आने वाले GDP आंकड़े में सुधार दर्ज की जा सकती है। अनलॉक-5 के तहत सरकार ने कई रियायतें दी हैं। इससे कारोबारी सक्रियता भी बढ़ी है। इसके अलावा कॉर्पोरेट नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे।

इकोनॉमी रिफॉर्म से मिलेगा सपोर्ट

फिच रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा कि सरकार के इकोनॉमी रिफॉर्म एजेंडा से GDP में मध्यम अवधि ग्रोथ देखने को मिल सकता है। एजेंसी के मुताबिक कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए। इसमें एग्री सेक्टर में किसानों के लिए आसान क्रय-विक्रय की सुविधा, श्रम सुधार से सामाजिक सुरक्षा जैसे कदम शामिल हैं। इससे आने वाले सालों में आर्थिक सुधार देखने को मिल सकता है।

दूसरी तिमाही में मिले सुधार के संकेत

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मॉर्गन स्टैनली ने भी इस बात पर सहमति जताई कि इकोनॉमी में सुधार देखने को मिल रहा है। इसमें रेल भाड़ा, PMI ग्रोथ, बिजली खपत, GST कलेक्शन और ई-बिल जैसे सेगमेंट में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। एजेंसी के मुताबिक दूसरी तिमाही में GDP 6% नीचे फिसल सकती है। इससे पहले जून तिमाही में देश की GDP 23.9% नीचे फिसल गई थी।

एजेंसी को खपत और निवेश में बढ़त की उम्मीद है। इसको सकारात्मक निर्यात से सहारा मिलेगा। अनलॉक प्रक्रिया के तहत मिल रही रियायतों से कारोबारी सक्रियता बढ़ी है। इससे मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ देखने को मिल रहा। बेरोजगारी के मोर्चे पर भी राहत देखने को मिल रहा है।



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